राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री सम्मानित श्रीमती फुलबासन बाई यादव के अपहरण की एक सनसनीखेज साजिश को राजनांदगांव पुलिस ने अपनी सूझबूझ और मुस्तैदी से विफल कर दिया है। मंगलवार सुबह नियमित ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर न केवल पीड़िता को सुरक्षित मुक्त कराया, बल्कि मौके पर ही पांच आरोपियों को दबोच लिया।
मिर्गी का बहाना बना पुलिस को किया गुमराह
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिला पुलिस इन दिनों ‘विजिबल और इफेक्टिव पुलिसिंग’ पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे गठुला रोड पर ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप और उनकी टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। तभी बेमेतरा पासिंग की स्कॉर्पियो (CG 08 Z 2334) को जांच के लिए रोका गया। वाहन की पिछली सीट पर बैठी महिला की स्थिति असामान्य दिखी। जब पुलिस ने पूछताछ की, तो आरोपियों ने उन्हें गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि महिला मिर्गी की मरीज है और उसे अस्पताल ले जा रहे हैं।
साहस और संवेदनशीलता आई काम
आरोपियों की बातों पर यकीन करने के बजाय पुलिस टीम ने जब महिला की ओर गौर किया, तो पीड़िता ने साहस दिखाते हुए इशारों में मदद मांगी। पुलिस ने तत्काल सभी को नीचे उतारकर पूछताछ की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पीड़िता की पहचान पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देकर और मिर्ची स्प्रे का डर दिखाकर जबरन अगवा किया था। उन पर महिला समूह से जुड़े कार्यों को लेकर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था।
ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में बेमेतरा और दुर्ग जिले के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
खुशबू साहू (27 वर्ष), बेमेतरा
सलोनी महेश्वरी, बेमेतरा
दिनेश बंजारे (35 वर्ष), बेमेतरा
गोपाल खेलवार (25 वर्ष), दुर्ग
चिनक राम साहू (38 वर्ष), बेमेतरा
बीएनएस की नई धाराओं में मामला दर्ज
सुकुलदैहान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 182/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1), 140(3), 351(3) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो, मोबाइल और मिर्ची स्प्रे जब्त कर लिया है।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
इस साहसी कार्य के लिए पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव और एसपी सुश्री अंकिता शर्मा ने ट्रैफिक निरीक्षक नवरत्न कश्यप, आरक्षक कपिल श्रीवास्तव और सुखदेव साहू की टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। घटना के बाद पद्मश्री फुलबासन बाई को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।
“राजनांदगांव पुलिस की यह कार्रवाई धरातल पर सक्रिय और संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक गंभीर अपराध को होने से रोक दिया।”
— सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक

