राजनांदगांव। हेमचंद यादव विश्व विद्यालय, दुर्ग से सम्बद्ध शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के मनोविज्ञान विभाग को गौरव प्राप्त हुआ है। यहां संचालित विश्व विद्यालय के एकमात्र मनोविज्ञान शोध केन्द्र से तीन शोध छात्राओं ने पीएचडी की उपाधि अर्जित की है।
इस आशय की जानकारी विभागाध्यक्ष एवं सह-शोध निर्देशक डॉ. बसंत कुमार सोनबेर ने दी। उन्होंने बताया कि श्रीमती शम्पा गोस्वामी ने सोशल कॉम्पीटेंस, सोशल सपोर्ट, स्ट्रेस, जेंडर एवं लोकेल एस प्रेडिक्टर ऑफ स्मार्ट फोन एडिक्शन अमंग एडोलसेंट विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया। उनके शोध निर्देशक सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई की सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकिता देशमुख रहीं।
श्रीमती सुमिता सिंह ने लोकस ऑफ कंट्रोल, सेल्फ कॉन्सेप्ट एंड जेंडर एस प्रेडिक्टर्स ऑफ डिफेंस मेकनिज्म अमंग द एडोलसेंट विषय पर शोध कार्य किया।
श्रीमती शालिनी वर्मा ने इमोशनल वायलेंस एंड कोपिंग स्ट्रेटेजीज एस प्रेडिक्टर ऑफ साइकोलॉजिकल वेल बीइंग ऑफ प्राइवेट स्कूल फीमेल टीचर्स विषय पर पीएचडी पूर्ण की।
सुमिता सिंह एवं शालिनी वर्मा, दोनों शोधार्थियों का निर्देशन डॉ. गुरप्रीत कौर छाबड़ा, प्राचार्य, संस्कार कॉलेज ऑफ एजुकेशन, राजनांदगांव द्वारा किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं डीआरसी चेयरमेन डॉ. आलोक मिश्रा ने तीनों शोध छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है कि यहां शोध का माहौल सशक्त हुआ है और इससे स्नातकोत्तर स्तर की छात्राओं में भी शोध के प्रति रुचि बढ़ी है।
डॉ. मिश्रा ने जानकारी दी कि वर्तमान में महाविद्यालय में 09 शोध छात्र पंजीकत हैं, जो मनोविज्ञान विषय में सक्रिय रूप से शोध कार्य कर रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय, बल्कि जिले के लिए भी एक प्रेरणादायी संकेत है।

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