खैरागढ़। जनपद पंचायत छुईखदान में लंबे समय से चल रहे बजट विवाद ने अब राज्य प्रशासन का ध्यान खींच लिया है। उपसंचालक पंचायत गीत कुमार सिंह ने पंचायत संचालनालय नवा रायपुर को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
उपसंचालक ने पत्र में पूछा है कि यदि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का बजट समय पर अनुमोदित नहीं हुआ है, तो क्या अब पोस्ट-फैक्टो स्वीकृति विधिसम्मत होगी या नहीं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 3 मार्च 2026 को तथा 2025-26 का बजट 5 मार्च 2026 को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया है, जबकि नियमों के अनुसार बजट जनवरी से फरवरी के बीच स्वीकृति के लिए भेजा जाना चाहिए।
उपसंचालक ने स्पष्ट किया कि पिछले दो वित्तीय वर्षों का बजट समय पर अनुमोदित नहीं होने के कारण वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट तैयार करने के लिए किन आधार अभिलेखों को मान्य माना जाए। इसके लिए उन्होंने वास्तविक आय-व्यय विवरण, कोषागार अभिलेख, लेखा पुस्तिकाएं और अन्य प्रमाणिक दस्तावेजों के उपयोग पर दिशा-निर्देश मांगे हैं।
इधर, जनपद पंचायत के सभापति सुधीर गोलछा ने आरोप लगाया कि जनपद सीईओ और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बजट अनुमोदन और स्थायी समिति की स्वीकृति के बिना फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने उपसंचालक से आग्रह किया है कि जब तक रायपुर से स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं आताए सभी भुगतानों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
पिछले कई महीनों से जारी इस विवाद में सभापति सुधीर गोलछा, डोमर सिंह, ज्योति जंघेल, राजिम मुकेश चंदेल समेत दर्जनभर से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने लगातार शिकायतें की हैं। अब सबकी निगाहें राज्य संचालनालय की दिशा-निर्देश जारी करने और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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