राजनांदगांव। बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उन्हें सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से चिखली स्थित सर्व समाज मांगलिक भवन में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ईसाफ फाऊंडेशन (आरोग्यसखी प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़) द्वारा संचालित ‘नई उड़ान ग्रीष्म शिविर’ में सोमवार को पुलिस विभाग की विभिन्न टीमों ने बच्चों को साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में साइबर थाना राजनांदगांव से पहुंचे एएसआई द्वारिका प्रसाद लाऊत्रे ने बच्चों को साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी भी लालच भरे अनजान लिंक पर क्लिक न करें। बच्चों को समझाया गया कि वे अपना पासवर्ड, ओटीपी और परिजनों की बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी इनाम के झांसे से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग की विधि बताई।
रक्षा टीम ने सिखाया गुड टच-बैड टच
कार्यक्रम में उपस्थित रक्षा टीम ने बच्चों को अत्यंत संवेदनशील विषय ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में विस्तार से समझाया। बच्चों को बताया गया कि यदि कोई उन्हें असुरक्षित महसूस कराए, तो वे तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही घरेलू हिंसा और महिला व बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी देते हुए ‘अभिव्यक्ति एप’ की उपयोगिता बताई गई। मौके पर ही बच्चों और स्टाफ के मोबाइल में इस एप को इंस्टॉल भी कराया गया।
पौष्टिक आहार और संस्कार पर जोर
शिविर में बच्चों को मानसिक मजबूती के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक डाइट की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर ईसाफ फाऊंडेशन के स्टाफ सहित 50 से अधिक बच्चे उपस्थित थे। नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक दौर के अपराधों से बचाना और उन्हें निडर बनाना रहा।

