राजनांदगांव। जिला प्रशासन के महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग और एनआरएलएम द्वारा चलाए जा रहे पोट्ठ लईका पहल अभियान से जिले में कुपोषण में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
यह अभियान जून 2025 से शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत प्रत्येक गुरूवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में पालक चौपाल आयोजित की जाती है, जिसमें पालकों को पौष्टिक आहार, तिरंगा भोजन, स्तनपान, एनीमिया और रोकथाम से संबंधित जानकारी दी जाती है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
अभियान शुरू होने पर जून 2025 में जिले के 0 से 5 वर्ष के 55797 बच्चों में 9751 बच्चे कुपोषित पाए गए थे। इनमें गंभीर कुपोषित 731, मध्यम कुपोषित 6181, अति गंभीर कुपोषित 443 तथा अन्य मध्यम स्तर के कुपोषित बच्चे शामिल थे।
माह मार्च 2026 की स्थिति में 55247 बच्चों में कुल 5146 कुपोषित बच्चे हैं। इसमें गंभीर कुपोषित 328, मध्यम कुपोषित 3848, अति गंभीर कुपोषित 128 और अन्य मध्यम स्तर के कुपोषित 842 बच्चे हैं।
इस प्रकार कुपोषण प्रतिशत 11.23 से घटकर 7.55 पर आ गया है, यानी कुल 3.68 प्रतिशत की कमी हुई है।
जिले में यह पहल कुपोषण मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

