राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में रबी मौसम की दलहन और तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। कृषि और संबंधित विभागों को किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 15 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड, सुकुलदैहान के माध्यम से खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के जरिए सोयाबीन, अरहर, चना, मसूर और सरसों का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य इस प्रकार तय किया गया है:
सोयाबीन – 5,328 रुपए प्रति क्विंटल
अरहर – 8,000 रुपए प्रति क्विंटल
चना – 5,875 रुपए प्रति क्विंटल
मसूर – 7,000 रुपए प्रति क्विंटल
सरसों – 6,200 रुपए प्रति क्विंटल
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सप्ताह जिले में कुल 347 क्विंटल दलहन-तिलहन खरीदी गई है। इसमें एफपीओ सुकुलदैहान द्वारा 75 किसानों से 53 क्विंटल चना, 220 क्विंटल मसूर और 1 क्विंटल सरसों तथा सेवा सहकारी समिति तुमड़ीबोड़ द्वारा 73 क्विंटल सोयाबीन खरीदी गई।
एकीकृत किसान पोर्टल में पीएसएस के तहत चना के लिए 529 किसान, मसूर के लिए 264 किसान और राई व सरसों के लिए 82 किसान सहित कुल 649 किसानों का पंजीयन हो चुका है। शेष किसानों से भी अपील की गई है कि वे शीघ्र पंजीयन कर योजना का लाभ लें। किसान एकीकृत किसान पोर्टल और नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं, ताकि खरीदी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो।
उपसंचालक ने कहा कि यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

