राजनांदगांव। जिले में उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले धनिया की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर के किसान श्री दौलतराम साहू ने 2.5 एकड़ में धनिया की फसल लगाई है। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग से इसके लिए मदद मिली है तथा 20 किलो धनिया बीज प्राप्त हुआ है। फसल चक्र परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फसल लगाई है। विशेषकर फल धनिया से उन्हें मार्च-अप्रैल में इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के बहुत से लाभ है। धान की फसल की अपेक्षा धनिया की खेती में कम पानी लगता है। भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ती है, लागत कम आती है और बीमारी कम होती है। धान की फसल की तुलना में अन्य फसलों से अधिक लाभ हो रहा है। शासन द्वारा चना, सरसों एवं अन्य फसलों की भी खरीदी करने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को और भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंत्रीपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एक मुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। यह किसानों के लिए बहुत ही खुशी की बात है।

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