राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव (छग) में गृहविज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला विषय सिलाई मशीनों के प्रकार, कार्य, समस्या और समाधान पर आयोजन किया गया।
प्राचार्य ने इस प्रकार की तकनीकी एवं कौशल विकास आधारित गतिविधियों को छात्राओं के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष श्रीमती ममता आर. देव ने कार्यशाला के उद्देश्य, भविष्य में महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्योगों और घरेलू उद्यमों में सिलाई-कढ़ाई से संबंधित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए छात्राओं को नई मशीनों और तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्राओं में व्यावहारिक दक्षता के साथ-साथ स्वावलंबन की भावना को भी विकसित करती हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन गृह विज्ञान की छात्राओं के कौशल विकास और तकनीकी समझ को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड, रायपुर से मिस्टर मुदले (असिस्टेंट मैनेजर), करण दीप एवं द्रावीण ने विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित होकर छात्राओं को ऊषा जनोम (फैशन मेकर) सिलाई मशीन के प्रकार, उसके तकनीकी पहलुओं, कार्यप्रणाली, सामान्य समस्याओं एवं उनके समाधान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं प्रत्येक छात्राओं को मशीन चलाने का अवसर प्रदान किया।
पूरे कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की और मशीन संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डा. अर्चना खरे द्वारा ने किया एवं सुश्री रिया तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने प्राचार्य, विशेषज्ञों, विभागाध्यक्ष, संस्था की सभी संकाय की छात्राओं को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
यह एक दिवसीय कार्यशाला छात्राओं के तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक योग्यता और भविष्य के कौशल विकास एवं स्वरोजगार के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य को कार्यशाला के आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। प्राचार्या ने इस प्रकार की तकनीकी एवं कौशल विकास आधारित गतिविधियों को छात्राओं के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष श्रीमती ममता आर. देव ने कार्यशाला के उद्देश्य, भविष्य में महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उद्योगों और घरेलू उद्यमों में सिलाई-कढ़ाई से संबंधित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए छात्राओं को नई मशीनों और तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्राओं में व्यावहारिक दक्षता के साथ-साथ स्वावलंबन की भावना को भी विकसित करती हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन गृह विज्ञान की छात्राओं के कौशल विकास और तकनीकी समझ को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड, रायपुर से मिस्टर मुदले (असिस्टेंट मैनेजर), करण दीप एवं द्रावीण ने विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित होकर छात्राओं को ऊषा जनोम (फैशन मेकर) सिलाई मशीन के प्रकार, उसके तकनीकी पहलुओं, कार्यप्रणाली, सामान्य समस्याओं एवं उनके समाधान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं प्रत्येक छात्राओं को मशीन चलाने का अवसर प्रदान किया।
पूरे कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की और मशीन संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर प्राप्त किया।
कार्यक्रम का अंतिम धन्यवाद सुश्री रिया तिवारी द्वारा ज्ञापित किया गया। उन्होंने प्राचार्य, विशेषज्ञों, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्यों एवं सभी छात्राओं को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
यह एक दिवसीय कार्यशाला छात्राओं के तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक योग्यता और भविष्य के कौशल विकास के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हुई।

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