राजनांदगांव। आपात स्थितियों में आमजन की जान बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा पुलिस जवानों को प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग की मौजूदगी में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के प्रबंधक प्रदीप शर्मा, डॉ. आयुष गुप्ता और डॉ. हिमांशी सिंह ने जवानों को जीवन रक्षक तकनीकों की बारीक जानकारी दी।
प्रशिक्षण में जवानों को यह सिखाया गया कि किसी व्यक्ति की अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में कैसे छाती पर दबाव और कृत्रिम श्वसन देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। साथ ही चोट, जलना, सड़क दुर्घटना, बेहोशी, सांप काटने जैसे हालातों में तुरंत प्राथमिक उपचार कैसे करें, इसकी विधियां भी बताई गईं।
कार्यक्रम में थाना, चौकी, यातायात, हाइवे पेट्रोलिंग, डायल-112, पुलिस लाइन एमटी और थाना पेट्रोलिंग से जुड़े करीब 87 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने भी सीपीआर के महत्व पर बात करते हुए जवानों को यह समझाया कि किसी की जान बचाने के लिए हर सेकंड कीमती होता है और ऐसे प्रशिक्षण उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार करते हैं।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश ठाकुर, सीएसपी पुष्पेंद्र नायक और रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर भी मौजूद रहे।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 स्टाफ की समस्याएं भी सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
जवानों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह उन्हें न केवल एक बेहतर पुलिसकर्मी बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाता है।

ताज़ा ख़बर :
- सुशासन तिहार-2026 : नागरिकों से सीधा संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान का मंच
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संजना बनी लखपति दीदी, जनरल स्टोर से हर माह 50-60 हजार की आय
- घुमका में रेत का अवैध परिवहन करते 2 हाईवा जप्त, माफियाओं में हड़कंप
- राजनांदगांव में जनगणना 2027 का प्रथम चरण शुरू, धनगांव में मकान गणना पूरी
- थाना सोमनी की मानवीय पहल, मानसिक रूप से कमजोर महिला का इलाज सेंदरी अस्पताल में
- आईपीएल सट्टा रैकेट का खुलासा, बसंतपुर पुलिस ने 2 करोड़ के लेन-देन का पर्दाफाश किया
- मवेशी चुराने वाले 5 शातिर गिरफ्तार, 24 घंटे में पशु चोरी का खुलासा
- छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्तरीय विश्व पशु चिकित्सा दिवस का भव्य आयोजन, अम्बिकापुर बना साक्षी : पशु चिकित्सकों को मिला सम्मान, “भोजन एवं स्वास्थ्य के संरक्षक” बताए गए
