राजनांदगांव। जिले में खाद की कमी से जूझ रहे किसानों की परेशानी पर शिवसेना ने प्रशासन को घेरा है। शिवसेना छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव कमल सोनी ने कहा कि अपराध दर्ज करना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि अन्नदाताओं को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
प्रदेश किसान सेना अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष आकाश सोनी के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। शिवसेना का कहना है कि 15 जून से किसानों ने बोनी शुरू कर दी थी, लेकिन 9 जून को ही प्रशासन को ज्ञापन देकर यूरिया, डीएपी और पोटाश की कमी और निजी दुकानदारों द्वारा संभावित कालाबाजारी की आशंका जताई गई थी। इसके बावजूद पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराया गया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि निजी व्यापारी अब यूरिया को तीन गुना से अधिक दाम पर बेच रहे हैं और प्रशासन खानापूर्ति के लिए केवल कुछ जगहों पर छापेमारी कर रहा है। वर्तमान समय में फसल के लिए खाद की अत्यधिक आवश्यकता है और यदि एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति नहीं हुई तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा।
शिवसेना ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्या सुलझाने की बजाय उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो गलत है। पार्टी ने मांग की है कि आंदोलनरत किसानों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं और खाद संकट से अन्नदाताओं को तुरंत राहत दी जाए।

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