राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सोमवार को कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जिला पंचायत सभाकक्ष में प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए तत्काल एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई में कोई भी कमी न हो, इसके लिए विशेष निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “सभी प्राचार्य परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड में काम करें और बच्चों के कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दें।” कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिन बच्चों के परिणाम प्री बोर्ड में असंतोषजनक रहे हैं, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू करने के साथ-साथ विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं।
बैठक में कलेक्टर ने प्री बोर्ड परिणामों की समीक्षा की और कई स्कूलों के परिणाम को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के परिणाम बेहतर नहीं हैं, उनके प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इस संदर्भ में छुरिया और डोंगरगांव के कक्षा 10वीं के स्कूलों, डोंगरगढ़, बालिका डोंगरगढ़ और अन्य कमजोर परिणाम वाले स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सुश्री सुरूचि सिंह ने भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बच्चों के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कमजोर बच्चों को सुधारने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाएं लेकर बोर्ड परीक्षा में उनका परिणाम सुधारने के प्रयास किए जाएं। साथ ही, ओआईसी श्री विश्वास कुमार ने सभी स्कूलों को जोन कोचिंग और आवासीय कोचिंग का भी सुझाव दिया और कहा कि पालकों को भी प्रेरित किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि 31 जनवरी से जिले में 22 जोन बनाए जाएंगे, जहां बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही 2 फरवरी से जिले के बरगा प्रशिक्षण केंद्र में टॉपर्स के लिए आवासीय कोचिंग भी शुरू की जाएगी। इससे जिले के मेधावी छात्रों को राज्य की प्रावीण्य सूची में जगह दिलाने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से यह भी कहा कि शिक्षक उपस्थिति रजिस्ट्रेशन को जल्द पूरा करें और बायोमेट्रिक उपस्थिति शुरू करें ताकि विद्यालयों में नियमितता बनी रहे। इसके साथ ही, स्कूलों में कमजोर परिणाम वाले छात्रों के लिए विशेष प्रयास किए जाएं ताकि बोर्ड परीक्षा में जिले का परिणाम बेहतर हो सके।
बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्राचार्य उपस्थित थे।

