राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले ने परीक्षा में कमजोर परिणाम वाले छात्रों के लिए एक अभिनव कदम उठाया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने पढ़ाई में कमजोर छात्रों को सुधारने के लिए जोन कोचिंग शुरू की है। जिले के 24 स्थानों पर यह विशेष कोचिंग शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उन बच्चों की मदद करना है, जिनका अर्धवार्षिक और प्री बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन कमजोर रहा है या जो कई विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं।
24 जोन में बच्चों को मिलेगी विशेष कोचिंग
शिक्षा विभाग के अनुसार, जिले में 24 जोन बनाए गए हैं, जिनमें से 21 जोन में आज से कोचिंग कार्य शुरू किया गया है। इन जोन में कुल 1560 छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कोचिंग के दौरान बच्चों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें अधिकतर बच्चे फेल हुए थे।
समीक्षा बैठक के बाद बनी कार्ययोजना
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा प्री बोर्ड परीक्षा के परिणामों की समीक्षा के बाद इस कोचिंग कार्ययोजना को तैयार किया गया था। समीक्षा बैठक में कमजोर परिणाम पर नाराजगी जताई गई थी और प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास कुमार सिंह बघेल ने योजना बनाई और शिक्षकों की टीम द्वारा बच्चों को गत 5 वर्षों के प्रश्न पत्र, ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्नों और जिले द्वारा तैयार किए गए प्रश्न बैंक पर आधारित विशेष तैयारी करवाई जाएगी।
नोडल अधिकारी और मॉनिटरिंग टीम की नियुक्ति
इस कोचिंग की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा एक मॉनिटरिंग टीम भी गठित की गई है, जो कोचिंग की नियमित निगरानी करेगी। कोचिंग में आने वाले छात्रों और उनके पालकों से भी नियमित संवाद किया जाएगा, ताकि तैयारी का सही दिशा में संचालन हो सके।
संपूर्ण कोचिंग कार्य को लेकर उत्साह
जोन कोचिंग के पहले दिन 91 शिक्षकों ने अपनी सेवाएं दी और कुल 1560 छात्रों ने उपस्थिति दर्ज की। 3 जोन में परीक्षा व्यापम द्वारा की जा रही परीक्षा के कारण कोचिंग 2 फरवरी से शुरू होगी। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि इस कोचिंग का उद्देश्य जिले के परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है और बच्चों को सही मार्गदर्शन देना है, ताकि वे बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
नवाचार के साथ बच्चों के भविष्य की ओर कदम
इस अभिनव प्रयास से बच्चों को न केवल सही मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि यह उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी बच्चा परीक्षा में पीछे न रहे और हर छात्र को सफलता की दिशा में मदद मिले।

