राजनांदगांव। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 26 जनवरी 2026 को जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में नवसाक्षरों द्वारा उल्लास मेला का आयोजन किया गया। मेले में नवसाक्षरों एवं उल्लास साक्षरता केन्द्र के शिक्षार्थियों द्वारा साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले स्टॉल लगाए गए। स्टॉल में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने वाले विभिन्न विषयों को प्रदर्शित करने वाले सामग्री के माध्यम से ज्ञानवर्धक संदेश दिया गया। साथ ही उल्लास मेला में मूल्यांकन आंकलन परीक्षा के सफल शिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
जिला परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्रीमती रश्मि सिंह ने बताया कि उल्लास मेला उपभोक्ता अधिकार एवं जीवन कौशल पर आधारित रहा था। उपभोक्ता अधिकार अंतर्गत सुरक्षा का अधिकार, सूचित होने का अधिकार, चुनने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, निवारण का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार तथा जीवन कौशल अंतर्गत वित्तीय विकास, जीवन कौशल, डिजिटल जीवन कौशल, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल, चुनावी साक्षरता पर केन्दि्रत था। उल्लास मेला का मुख्य उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना, स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना, करके सीखने की अवधारणा की गहरी समझ विकसित करना, एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ, भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर एवं गणित की छुटी हुई अवधारणाओं को पुनः सीखने का अवसर प्रदान करना था। कार्यक्रम में नवसाक्षरों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया। नवसाक्षरों द्वारा जीवन कौशल अंतर्गत वित्तीय जीवन कौशल, डिजिटल जीवन कौशल, कानूनी जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कौशल एवं चुनावी साक्षरता विषय पर स्टॉल लगाए गए थे। मेला में साक्षरता शिक्षा को प्रेरित करने विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें रिंग फेंको वर्ण पहचानो, उंगली दौड़, पहचानों कौन, जोड़ मशीन, आओ घटाएं, मेरी घड़ी तुम्हारा समय, जोड़ी बनाओ, चित्र देखो कहानी बनाओ सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से नवसाक्षरों का उत्साहवर्धन किया गया। एफएलएन एवं टीएलएम उपयोग कर गतिविधियां की गई। मेले में क्षेत्रीय एवं ग्राम के जनप्रतिनधि ग्रामवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक सहित प्राचार्य, प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक की उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुशंसा अनुरूप उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वार्ड में 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों का चिन्हांकन कर उन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा पठान-पठान कराया गया। इसके उपरांत मूल्यांकन आंकलन परीक्षा ली गई। परीक्षा में सफल शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नोएडा नई दिल्ली द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति जो किन्हीं कारणों से पढ़ने-लिखने से वंचित हुए, ऐसे लोगों के लिए उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत साक्षरता के विभिन्न घटकों के माध्यम से उन्हें संख्यात्मक ज्ञान, जीवन कौशल एवं दैनिक उपयोग में काम आने वाली जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। उल्लास मेला का उद्देश्य नवसाक्षरों की रचनात्मकता को विकसित करना, नवसाक्षरों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और नवसाक्षरों को स्वयं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। करके सीखने की अवधारणा एक स्थान में बहुत सारी अवधारणाओं की समझ भाषा के शब्दों में मात्राओं की बारीकियां सीखने का अवसर गणित के छूटे हुए अवधारणा को पुनः सीखने का अवसर प्रदान करना, शिक्षार्थियों असाक्षरों को कक्षा में आने के लिए प्रेरित करना है।

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