राजनांदगांव। थाना लालबाग के अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदेहन में 8 जनवरी 2026 को एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और कथित धर्मांतरण गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में यह मामला छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत पंजीबद्ध किया गया, और आरोपी डेविड चाको के खिलाफ विवेचना शुरू की गई।
प्रकरण की जांच में सामने आया कि आरोपी डेविड चाको ने न केवल आश्रम/चर्च का संचालन किया, बल्कि कथित रूप से नाबालिग बच्चों को भी रखवाया। पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ शुरू की है, जिसमें ट्रैवल वाउचर्स, एकॉमोडेशन प्लान, विभिन्न पुस्तकें और अन्य दस्तावेजों के संदर्भ में जानकारी ली जा रही है।
जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि आरोपी द्वारा प्रयुक्त कई महत्वपूर्ण पुस्तकें और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पुस्तकों को खरीदने के लिए धनराशि किस स्रोत से प्राप्त की गई थी। क्या यह धन किसी एजेंसी या संस्था द्वारा दिया गया था या आरोपी ने इसे निजी तौर पर प्राप्त किया था?
ऑफिस बेयर्स के संदर्भ में भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि ग्रासरूट स्तर पर कार्यरत कुछ कार्यकर्ताओं, जिन्हें “पॉल” के नाम से जाना जाता है, को ट्रैवल वाउचर्स के माध्यम से भुगतान किया जाता था। पुलिस यह जांच कर रही है कि ये वाउचर्स नगद दिए जाते थे या ऑनलाइन क्लेम किए जाते थे, और इसके लिए धनराशि कहाँ से प्राप्त होती थी।
इसके अतिरिक्त, दिसंबर 2025 में छत्तीसगढ़ में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। इस प्रशिक्षण में आरोपी के समकक्ष अन्य व्यक्तियों की सहभागिता पाई गई थी, जिनमें से कुछ विषय संदिग्ध पाए गए। पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इन संदिग्ध विषयों को पढ़ाने का उद्देश्य क्या था, और किसे प्रशिक्षित किया गया।
चर्च के हेडक्वार्टर, संचालन प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन स्थल, आयोजक, और वित्तीय प्रबंधन की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए विषयवस्तु और प्रशिक्षण मॉड्यूल का चयन कौन करता था, और इसमें किसकी भूमिका रहती थी।
आरोपी द्वारा अमेरिका में अध्यापन के बाद भारत लौटने पर प्राप्त कथित धनराशि के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह धनराशि किस माध्यम से भारत लाई गई, और किस खाते से किस खाते में स्थानांतरित हुई।
जोनल कमांडर और जोनल लीडर स्तर के अन्य उच्च पदस्थ व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनकी पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही, राजनांदगांव जिले के अन्य समूहों और संस्थाओं से भी पूछताछ की जा रही है, जो इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाई गई हैं।
पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि प्रकरण की विवेचना निरंतर प्रगति पर है, और निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले में विधिक तरीके से कार्यवाही कर रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का आश्वासन दिया गया है।

