राजनांदगांव। जिले में धान खरीदी के अंतिम दौर में अवैध धान खपाने के प्रयासों पर जिला प्रशासन ने कड़ी नजर रखी है। शासन द्वारा धान खरीदी के अंतिम चरण में अन्य राज्यों से धान लाकर खपाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहा है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर प्रशासन ने अंतर्राज्यीय सीमाओं और चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी रखने के लिए अपनी टीम को सक्रिय किया। इस अभियान के परिणामस्वरूप पाटेकोहरा बैरियर और अन्य चेकपोस्टों पर बड़ी कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने कुल 10 वाहनों को जब्त किया, जिनमें 6 बड़े ट्रक और 4 छोटे पिकअप वाहन शामिल हैं। ये वाहन अवैध रूप से धान लेकर जा रहे थे। जब्त किए गए ट्रकों में प्रमुख रूप से 6 वाहन महाराष्ट्र से आ रहे थे, जिनमें एमएच 14 एचयू 4811, एमएच 15 जीव्ही 4376, एमएच 35 एजे 3499, एमएच 35 एजे 4828, एमएच 40 सीडी 7246 और एमएच 40 सीडी 9204 शामिल हैं। इन वाहनों से कुल 2170 कट्टा धान (करीब 845 क्विंटल) जब्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 46 लाख 90 हजार 800 रुपये है।
मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई
इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों में महाराष्ट्र के आमगांव के ओम गुप्ता, नितिन अग्रवाल, पंकज अग्रवाल और डोंगरगढ़ के विष्णु अग्रवाल मुख्य हैं। इनके खिलाफ संगठित रूप से बार-बार धान खपाने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान एक बिचौलिए को गिरफ्तार भी किया गया है।
कड़ी चेतावनी
जिला प्रशासन ने अवैध धान खपाने के प्रयास करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वे आगे भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस सख्त कार्रवाई के बाद प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा।

