राजनांदगांव। महापौर श्री मधुसूदन यादव और कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज मोहारा जल संयंत्रगृह का निरीक्षण किया और पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आने देने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान महापौर ने ग्रीष्म ऋतु से पहले संयंत्र का संधारण सुनिश्चित करने और जरूरी सामग्री का भंडारण करने के निर्देश दिए, जबकि कलेक्टर ने जल शोधन प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए शिवनाथ नदी से रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी ली।
महापौर ने दी सफाई और रखरखाव की निर्देश
महापौर श्री यादव ने मोहारा जल संयंत्र के तीनों प्लांट का निरीक्षण कर कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु के पूर्व एलम, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरिन गैस और अन्य आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण करने का निर्देश दिया। साथ ही, पंप और मोटरों की दुरुस्ती पर भी ध्यान देने की बात कही, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इनका उपयोग किया जा सके। महापौर ने सीएफएल और फिल्टर बेड की सफाई करने के निर्देश दिए, जिससे गर्मी के मौसम में शहरवासियों को सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने जल शोधन प्रक्रिया की समीक्षा की
कलेक्टर श्री यादव ने जल शोधन की प्रक्रिया का अवलोकन किया और एलम की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने तीनों प्लांट के संचालन और जल शोधन की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से रॉ वाटर लेकर 27 एमएलडी, 10 एमएलडी और अमृत मिशन द्वारा निर्मित 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट में जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसके बाद, फिटकरी और क्लोरिन डालकर पानी को किटाणु रहित किया जाता है।
आयुक्त ने आगे बताया कि फिल्टर बेड का उपयोग तरल पदार्थ से ठोस पदार्थों को अलग करने के लिए किया जाता है। शुद्धिकरण के बाद, पानी 15 टंकी में भरा जाता है और फिर पाइपलाइन के जरिए शहर में सप्लाई किया जाता है।
गर्मी से पहले जलापूर्ति के लिए विशेष दिशा-निर्देश
कलेक्टर श्री यादव ने निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट के लैब का भी निरीक्षण किया और पानी की गुणवत्ता परखने के लिए विभिन्न टेस्ट देखे। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन लिकेज और गंदे पानी की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की खराबी की स्थिति में आम जनता को सूचित किया जाए। साथ ही, उन्होंने शिवनाथ नदी में रॉ वाटर के संग्रहण की जानकारी ली और गर्मी के दौरान पानी की कमी की स्थिति से निपटने के लिए जल्दी से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
अमृत मिशन से जुड़े ठेकेदार को भी दी चेतावनी
कलेक्टर ने अमृत मिशन के ठेकेदार से कहा कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। यदि कोई समस्या आती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अन्य अधिकारी
इस निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष श्री टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य श्री सुनील साहू, पार्षद श्री सतीश साहू, श्री अरुण साहू, श्री चंद्रकृत साहू, प्र.कार्यपालन अभियंता श्री प्रणय मेश्राम, उप अभियंता श्री अनुप पाण्डे, प्र.स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजेश मिश्रा और अमृत मिशन प्रभारी श्री नितिन पाटिल भी उपस्थित थे।
महापौर और कलेक्टर के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम समय रहते उठाए जा रहे हैं।

