मोहला। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBRLM-G) के तहत जिले में वर्ष 2025-26 के लिए कुल 1050 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 478 डबरियों का निर्माण कार्य पहले ही प्रारंभ हो चुका है।
यह योजना विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्रदान करना है। युक्तधारा के माध्यम से GIS आधारित प्लान और सैटेलाइट सर्वे के आधार पर डबरी निर्माण के लक्ष्य तय किए गए हैं। इन डबरियों से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज और खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ और रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
जी-राम-जी योजना के तहत आजीविका डबरी निर्माण से जल प्रबंधन, रोजगार सृजन और आय संवर्धन को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। यह योजना स्व-सहायता समूह की दीदियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे खेती-किसानी से जुड़ी कार्यों और आजीविका सुरक्षा में मजबूती मिलेगी।
सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर का निरीक्षण
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर ने विकासखंड मोहला के ग्राम पंचायत मंचादूर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आजीविका डबरी निर्माण को शासन की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि यह ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ स्थायी आजीविका से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
श्रीमती चंद्राकर ने बताया कि जिले में 1050 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जी-राम-जी योजना के तहत आजीविका डबरी निर्माण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
निरीक्षण के दौरान डबरी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को प्रोत्साहित किया गया और ग्राम पंचायत मंचादूर की सरपंच से विशेष चर्चा कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मछली पालन, बाड़ी विकास, कमल व ढेस उत्पादन, बकरी-गाय पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़ने पर जोर दिया गया।
विशेष ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया, जहां आजीविका डबरी निर्माण के संबंध में प्रस्ताव पारित किए गए। इन सभाओं में सरपंच, पंच, जनपद सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने आजीविका डबरी को भविष्य में सिंचाई, मत्स्य पालन और कृषि आधारित आजीविका का प्रमुख साधन बताया।
मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरी न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने इस पहल का स्वागत किया और इसके सकारात्मक प्रभावों की सराहना की।

