राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की बैठक ली।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में केवल वास्तविक किसानों की उपज ही खरीदी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की गलती या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सजग और ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया और कहा कि किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए।
कलेक्टर ने अवैध धान खपाने वाले कोचियों और बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई करने और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को कोचियों और बिचौलियों की जानकारी मिलने पर फोन के माध्यम से सूचित किया जा सकता है। इसकी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
धान उपार्जन केन्द्रों में भौतिक सत्यापन, स्टेकिंग और निरीक्षण के काम को सावधानी से करने के निर्देश दिए गए। किसी भी बदलाव या अन्य कार्य होने पर पंचनामा बनाना अनिवार्य होगा और इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि धान का उठाव अब सभी केन्द्रों से प्रारंभ हो गया है।
अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि स्टेकिंग और अन्य कार्य सही तरीके से करने के लिए सतत निरीक्षण करें। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से छूटे हुए किसानों को शीघ्र जोड़ने की भी हिदायत दी। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी कार्य किसी भी हाल में रुकना नहीं चाहिए और किसी भी समस्या पर तुरंत जानकारी दें।
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर, डीएमओ श्रीमती हीना खान, सहायक खाद्य अधिकारी द्रोण कामड़े और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैठक समाप्त करते हुए सभी अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और धान खरीदी को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।

