डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र में एक बार फिर तेंदुआ मृत मिलने का मामला सामने आया है। रानीगंज क्षेत्र में हुई इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि लगातार तेंदुओं की मौतें हो रही हैं, लेकिन हर बार विभाग इसे प्राकृतिक मृत्यु बताकर मामले को रफा-दफा कर देता है। इस बार भी वन विभाग ने मृत तेंदुए की मौत को इंटरनल इंजरी बताया और पोस्टमार्टम के बाद उसका दाह संस्कार कर दिया।
डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र के डीएफओ आयुष जैन ने इसे प्राकृतिक मृत्यु मानते हुए मामले को बंद करने की कोशिश की। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर मौत प्राकृतिक थी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और दाह संस्कार में इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखाई गई।
वन्यजीव विशेषज्ञ और स्थानीय लोग चिंतित हैं कि डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र वन्य प्राणियों के लिए एक डेथ ज़ोन बनता जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार तेंदुओं की मौतें किसी न किसी समस्या की ओर इशारा करती हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

