राजनांदगांव। राजनांदगांव में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इस दौरान विभाग की टीम ने पनीर निर्माण करने वाली डेयरियों, पनीर विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों और होटल-रेस्टोरेंट्स का औचक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा विभाग का लक्ष्य नागरिकों तक सुरक्षित और मानक खाद्य सामग्री पहुंचाना है, और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुल 8 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जिनमें पनीर निर्माण करने वाली डेयरियां, पनीर बेचने वाले दुकानदार और पनीर से बने विभिन्न व्यंजन परोसने वाले होटल-रेस्टोरेंट्स शामिल थे। निरीक्षण के दौरान खाद्य नमूने संकलित किए गए, जिन्हें विश्लेषण हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि अगर किसी नमूने में अवमानक, मिथ्याछाप या असुरक्षित सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
होटल-रेस्टोरेंट्स में भी जारी है जांच
इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के विभिन्न होटल-रेस्टोरेंट्स से टमाटर ग्रेवी, प्याज ग्रेवी, आटा और अन्य खाद्य उत्पादों के भी नमूने संकलित किए। होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को किचन और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, किसी संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्तियों को खाद्य कारोबार से अलग रखने और सही गुणवत्ता का तेल उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
नौटंकी रेस्टोरेंट को नोटिस जारी
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मनगटा टूरिस्ट स्पॉट में स्थित “नौटंकी रेस्टोरेंट” में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं पाई गई, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किया है।
नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि नागरिकों तक सही और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाई जा सके। खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि वे अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का विक्रय, भंडारण, प्रदर्शन और विनिर्माण सुनिश्चित करें।
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में कोई भी खाद्य सामग्री मानकों से बाहर न हो, जिससे नागरिकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

