राजनांदगांव। जिले में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। जल जीवन मिशन, सोलर हाई मास्ट, सौर सुजला और सोलर पावर प्लांट जैसी योजनाओं के जरिए जहां स्वच्छ पेयजल, सिंचाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, वहीं ग्रामीण जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
जल जीवन मिशन से हर घर तक पानी
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। क्रेडा विभाग द्वारा इस योजना के तहत 9 मीटर और 12 मीटर ऊंचाई की 10 हजार लीटर क्षमता वाली पानी टंकियों की स्थापना कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान जल जीवन मिशन अंतर्गत 11 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं।
सोलर हाई मास्ट से गांव-शहर रोशन
ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्बों और शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोलर हाई मास्ट संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इनसे न सिर्फ आकर्षक और बाधारहित प्रकाश व्यवस्था मिल रही है, बल्कि रात्रिकालीन आवागमन भी सुरक्षित हुआ है। अंधेरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आने लगी है। जिले में पिछले दो वर्षों में 61 सोलर हाई मास्ट संयंत्र स्थापित किए गए हैं। अब गांवों के चौक-चौराहों में लोग रात के समय भी चौपाल लगाकर अपनी समस्याओं पर चर्चा कर पा रहे हैं।
सौर सुजला योजना से किसानों को राहत
विद्युत पहुंच से वंचित क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए क्रेडा विभाग द्वारा सौर सुजला योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत कम लागत में सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। जिले में पिछले दो वर्षों में 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के कुल 253 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं।
योजना के तहत हितग्राही अंशदान 3 एचपी के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति को 10 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग को 15 हजार और सामान्य वर्ग को 21 हजार रुपए तथा 5 एचपी के लिए क्रमश: 14,800, 19,800 और 24,800 रुपए निर्धारित है। योजना से किसानों को सालभर सिंचाई की सुविधा मिल रही है और वे मासिक बिजली खर्च से भी मुक्त हो गए हैं।
शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लांट
क्रेडा विभाग द्वारा शासकीय भवनों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिले में पिछले दो वर्षों में 2 सोलर पावर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी क्षमता 2.4 किलोवॉट से 6 किलोवॉट तक है।
कुल मिलाकर, क्रेडा विभाग की इन योजनाओं से जिले में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सशक्त हो रही हैं।

