राजनांदगांव। जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पदुमतरा में आज श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर प्रसिद्ध राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य रामानुज युवराज पांडेय जी की उपस्थिति में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।
कथा शुभारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा
कथा के शुभारंभ से पूर्व ग्रामीणों ने एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए भाग लिया। कलश यात्रा में 500 से 1000 श्रद्धालु शामिल हुए, जो पूरे गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्रीराम मंदिर पहुंचे। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नाचते गाते नजर आए। “बोल कालिया” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा का शुभारंभ और गोकर्ण की कथा
कलश यात्रा के बाद श्रीराम मंदिर में विशाल पंडाल में पोथी पूजन और व्यास पूजा विधिविधान से संपन्न हुई। इसके बाद आचार्य पंडित श्री युवराज पांडेय ने श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ किया। पहले दिन उन्होंने गोकर्ण की प्रसिद्ध कथा सुनाई, जिसमें बताया कि किस तरह धुंधकारी अपने पापकर्मों के कारण प्रेत योनि को प्राप्त करता है और गोकर्ण महाराज किस प्रकार श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से उसे मुक्ति दिलाते हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते रहे।
आचार्य जी का भव्य स्वागत
कथावाचक पंडित श्री युवराज पांडेय के आगमन पर उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया और आतिशबाजी की गई। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने आचार्य जी को साफा और माला पहनाकर उनका सम्मान किया।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रसार
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक वातावरण को सुदृढ़ किया, बल्कि क्षेत्रवासियों में सांस्कृतिक चेतना भी उत्पन्न की। श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के इस आयोजन में पदुमतरा समेत आसपास के कई गांवों से श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि और श्रद्धालु
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री भुनेश्वर बघेल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मधु बघेल, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश साहू और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कविता साहू, जनपद सदस्य श्रीमती ललिता साहू, सरपंच श्रीमती हिना साहू, श्री मोहन साहू, श्री राकेश साहू, श्री ललित चांदतारे समेत सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समाप्ति के बाद भी भक्ति का उत्साह बना रहा
पूरे आयोजन में ग्रामवासियों का उत्साह और भक्ति देखने लायक था, जो इस धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध करने वाला साबित हो रहा है।

