Close Menu
    What's Hot

    राजनांदगांव में नव निर्माण साइबर थाना का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल लोकार्पण किया

    January 28, 2026

    अवैध शराब के विरुद्ध अभियान : लालबाग पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा

    January 28, 2026

    सड़क सुरक्षा माह के तहत संयुक्त जांच अभियान

    January 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    ताज़ा ख़बर :
    • राजनांदगांव में नव निर्माण साइबर थाना का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल लोकार्पण किया
    • अवैध शराब के विरुद्ध अभियान : लालबाग पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा
    • सड़क सुरक्षा माह के तहत संयुक्त जांच अभियान
    • जिले में धान की खरीदी अभियान से किसानों में हर्ष का माहौल, अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1811737.50 क्विंटल धान का उठाव
    • रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी
    • ग्राम जंगलेसर के किसान देवल ने धान उपार्जन केन्द्र कन्हारपुरी में अंतिम टोकन में 133 क्विंटल धान का किया विक्रय
    • शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए अधिकारी करें फिल्ड विजिट : कलेक्टर
    • ग्राम पंचायतों में उल्लास मेला का हुआ आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    छत्तीसगढ़ मेल
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीति
    • खेल
    • बिजनेस
    • शिक्षा
    • रोजगार
    • सिनेमा
    छत्तीसगढ़ मेल
    Home » खनन के खिलाफ 55 गांवों का ऐतिहासिक एलान : गांवों में प्रवेश पर प्रतिबंध, जनआंदोलन ने लिया नया मोड़
    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

    खनन के खिलाफ 55 गांवों का ऐतिहासिक एलान : गांवों में प्रवेश पर प्रतिबंध, जनआंदोलन ने लिया नया मोड़

    chhattisgarhmailBy chhattisgarhmailDecember 31, 2025No Comments4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Email

    छुईखदान। छुईखदान विकासखंड के दनिया–अतरिया परिक्षेत्र में खनन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस क्षेत्र के 55 गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने खनन समर्थक नेताओं और अधिकारियों के गांव में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। यह निर्णय 20 दिसंबर को आयोजित किसान महापंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया था, जिसे अब गांव-गांव में बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से सार्वजनिक किया जा चुका है।

    ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित चुना पत्थर खनन और श्री सीमेंट फैक्ट्री परियोजना उनके जीवन, खेती, जलस्रोत और पर्यावरण के लिए खतरे का कारण बन सकती है। इसलिए, वे किसी भी हालत में इस परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे।

    “यह केवल खनन का विरोध नहीं, बल्कि हमारी जमीन, पानी और भविष्य की लड़ाई है”

    ग्रामीणों का मानना है कि यदि खनन शुरू हुआ, तो सबसे पहले कृषि भूमि, भूमिगत जल, नदियां-नाले और जंगल प्रभावित होंगे। इससे न केवल वर्तमान पीढ़ी की आजीविका पर संकट आएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। इस चिंताजनक स्थिति ने 55 गांवों को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां अब यह संघर्ष केवल विरोध तक सीमित नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की निर्णायक लड़ाई बन चुका है।

    55 गांवों की अभूतपूर्व एकजुटता: एकजुटता से खड़ा हुआ नया आंदोलन

    इस आंदोलन में शामिल गांवों में संडी, पंडरिया, विचारपुर, भरदागोड़, बुंदेली, हनईबन, जगमड़वा, रैमड़वा, मरतकठेरा, सीताडबरी, मैंहर, जोम, उदान, तेंदुभाठा, माणिकचौरी, नवागांव, सुराडबरी, चारभाठा, दनिया, कोटरा, कुकुरमुड़ा, भुरभूसी, खैरी, गोकना, बागुर, पत्थर्रा, बिरनपुर, धोधा, नवापारा, काशीटोला, कालेगोंदी, मंजगांव, गर्रा, जंगलपुर सहित कुल 55 गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी गांव अकेला नहीं लड़ेगा, बल्कि पूरा अंचल एकजुट होकर खनन के खिलाफ खड़ा रहेगा।

    प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल

    ग्रामीणों ने जिले के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये अधिकारी निजी कंपनी की प्रेस वार्ता में शामिल होकर कंपनी के पक्ष में बयान दे रहे हैं, जो प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है। ग्रामीणों के अनुसार यह प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग है और इससे किसानों का प्रशासन पर से भरोसा डगमगा रहा है।

    दो महीने का संघर्ष, पहली बड़ी जीत

    खनन के खिलाफ यह आंदोलन पिछले दो महीनों से लगातार जारी है। 6 दिसंबर को छुईखदान में आयोजित ट्रैक्टर रैली और विशाल विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन को हिला कर रख दिया, जिसके बाद 11 दिसंबर को प्रस्तावित श्री सीमेंट की जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी। अब गांव में प्रवेश निषेध का फैसला आंदोलन को और अधिक धार देने वाला कदम माना जा रहा है।

    ग्रामीणों की एकमात्र मांग

    ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—
    प्रस्तावित चुना पत्थर खनन और श्री सीमेंट फैक्टरी परियोजना को तत्काल और स्थायी रूप से रद्द किया जाए।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।

    किसान नेताओं की दो टूक

    लुकेश्वरी जंघेल, अध्यक्ष – किसान अधिकार संघर्ष समिति ने कहा,
    “यह लड़ाई केवल खनन के खिलाफ नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। किसान अपनी जमीन, पानी और आजीविका बचाने के लिए पूरी मजबूती से खड़े हैं।”

    गिरवर जंघेल, संरक्षक – किसान अधिकार संघर्ष समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
    “हम अपने गांवों की मिट्टी और पानी की रक्षा कर रहे हैं। हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए खनन का विरोध कर रहे हैं। यह संघर्ष अब पीछे नहीं हटेगा।”

    सामाजिक संगठनों का समर्थन

    इस जनआंदोलन को जिला साहू समाज, जिला लोधी समाज, जिला कोसरिया यादव महासभा, 24 जाति ओबीसी महासंघ (खैरागढ़–छुईखदान–गंडई) सहित कई सामाजिक संगठनों का खुला समर्थन मिल रहा है। इस सामाजिक एकजुटता ने दनिया–अतरिया–उदयपुर–हनईबन परिक्षेत्र के किसानों में नया आत्मविश्वास भर दिया है।

    अब प्रशासन के फैसले का इंतजार

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है— क्या जिला प्रशासन 55 गांवों की एकजुट आवाज का सम्मान करेगा? या फिर खनन समर्थक दबावों के आगे झुककर ग्रामीणों के हितों की अनदेखी करेगा? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि छुईखदान क्षेत्र के 55 गांवों की यह एकजुटता इतिहास में दर्ज होने जा रही है। खनन के खिलाफ यह आंदोलन अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

    Share. Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Email

    Related Posts

    राजनांदगांव में नव निर्माण साइबर थाना का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल लोकार्पण किया

    January 28, 2026

    अवैध शराब के विरुद्ध अभियान : लालबाग पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा

    January 28, 2026

    सड़क सुरक्षा माह के तहत संयुक्त जांच अभियान

    January 28, 2026

    जिले में धान की खरीदी अभियान से किसानों में हर्ष का माहौल, अब तक धान उपार्जन केन्द्रों से 1811737.50 क्विंटल धान का उठाव

    January 28, 2026

    रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी

    January 28, 2026

    ग्राम जंगलेसर के किसान देवल ने धान उपार्जन केन्द्र कन्हारपुरी में अंतिम टोकन में 133 क्विंटल धान का किया विक्रय

    January 28, 2026
    Top Posts

    संभाग स्तरीय सतनामी समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन में 90 विवाह योग्य प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

    January 27, 202642 Views

    स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति 7 ए साइड हॉकी प्रतियोगिता : पैंथर्स क्लब और यूथ क्लब की विजयी शुरूआत

    January 28, 202627 Views

    बम्हनी-चारभांठा में विराट हिंदू सम्मेलन 1 फरवरी को, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

    January 28, 202611 Views

    सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का बिगुल : विचारपुर–पंडरिया भाठा में महापंचायत, ज़मीन वापसी और आंदोलन जारी रखने का ऐलान

    January 24, 202611 Views

    नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन को जोगी कांग्रेस नेता समसुल का समर्थन, आयुष विश्वविद्यालय का घेराव

    January 23, 20267 Views

    PESA, FRA और विकसित भारत–जी राम जी पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न

    January 27, 20266 Views
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    • Telegram
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • विदेश
    • राजनीति
    • शिक्षा
    • खेल
    • रोजगार
    • बिजनेस
    • सिनेमा
    copyright © 2025 छत्तीसगढ़ मेल

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.