राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में 100 दिवसीय निक्षय निरामय पहचान एवं उपचार अभियान के दौरान जिले के टीबी के उच्च जोखिम समूहों का चिन्हांकन किया गया है। टीबी के उच्च जोखिम समूहों के जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्र के चिन्हित शेष व्यक्तियों की जांच एक्स-रे मशीन के माध्यम से किया जाएगा। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की निगरानी में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन रखी गई है। जिले के चिन्हित शेष उच्च जोखिम समूहों के व्यक्तियों की जांच एक्स-रे मशीन के माध्यम किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में जांच करने रूट चार्ट भी तैयार कर लिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन ने बताया कि सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशानुसार जिले को प्रदाय किए गए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का जिला अस्पताल में स्थापना किया गया है। जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं जिला अस्पताल के रेडियोग्राफरों को मशीन संचालन के संबंध में राज्य कार्यालय के इंजीनियर द्वारा जिला नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया की उपस्थिति में प्रशिक्षित किया गया।
जिले में निक्षय निरामय 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान अंतर्गत 1 लाख 10 हजार 950 उच्च जोखिम समूहों के टीबी शंकास्पद व्यक्तियों की पहचान किया गया है। जिसमें 16 हजार 542 व्यक्तियों का नॉट के माध्यम से एवं 45 हजार 671 व्यक्तियों का एक्स-रे के माध्यम से टीबी की जॉच कराया जा चुका है। जिले के शेष 47 हजार 862 व्यक्तियों का एक्स-रे जांच कराया जाएगा। शासन से जिले को हैण्ड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्राप्त होने पर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा जाकर टीबी संभावित व्यक्तियों का एक्स-रे जॉच कराया जाएगा।

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