राजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में जनमानस के लिए आवश्यक सुधार किया गया है। कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्सेस पर रजिस्ट्री दर कम हुई है। मुख्य सड़क से 20 मीटर से ज्यादा दूर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्सेस पर 25 प्रतिशत कम दर से मूल्यांकन, दो फसली भूमि पर लगने वाला 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य अब नहीं लगेगा, जिससे किसानों का खर्च कम होगा। ट्यूबवेल पर 85 हजार रूपए और कुएं पर 70 हजार रूपए अतिरिक्त जोड़ने का नियम हटाया गया है, जिससे जमीन सस्ती पड़ेगी। अब परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित भूमि का 2.5 गुना रेट नहीं लगेगा, जिससे लोगों को सीधी राहत मिलेगी। केला, पपीता, गन्ना जैसी वाणिज्यिक फसलें होने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दर अब नहीं लगेंगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। बिक्रिशुदा जमीन पर लगे पेड़ों पर अब स्टाम्प और पंजीयन शुल्क नहीं लगेगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। तालाब व मछली टैंक वाली जमीन पर 1.5 गुना रेट अब नहीं लगेगा, जिससे रजिस्ट्री शुल्क कम हुआ है। अब असिंचित जमीन का मूल्यांकन सिंचित दर से 20 प्रतिशत कम होगा, इससे कृषकों को बड़ा फायदा होगा। बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल पर लगने वाले सभी अतिरिक्त शुल्क समाप्त किया गया है, जिससे रजिस्ट्री शुल्क कम होगी। अब फ्लैट, दुकान, कार्यालयों के बाजार मूल्य की गणना सिर्फ बिल्ट-अप एरिया से होगी, सुपर बिल्ट-अप से नहीं होगी, जिससे खरीददारों पर अतिरिक्त बोझ खत्म होगा। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग पर छूट बढ़ी है। बेसमेंट और पहला तल 10 प्रतिशत रेट कम हुआ है। वहीं दूसरा तल और ऊपर 20 प्रतिशत रेट कम हुआ है।

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