राजनांदगांव। जिले में भू-जल स्तर के लगातार गिरावट के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत घुपसाल कु में ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रीष्मकाल में भू-जल स्तर के गिरावट को ध्यान में रखते हुए रबी सीजन में धान फसल को पूर्णतः प्रतिबंध करते हुए धान के बदले अन्य फसल लेने का प्रस्ताव पास किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में धान फसल लेने से पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है, जिससे गंभीर समस्या से गुजरना पड़ता है। ग्रीष्मकाल में धान फसल लेने वाले किसानों को ग्राम स्तर पर ग्रामीणों ने आर्थिक जुर्माना लगाकर दण्डित करने का फैसला भी लिया है। जिले में भू-जल स्तर के गिरावट के दृष्टिगत फसल चक्र परिवर्तन से पानी की बचत होगी तथा किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। पूर्णतः फसल चक्र परिवर्तन ग्राम पंचायत घुपसाल कु क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए है। ग्राम घुपसाल कु के ग्रामीणों ने भू-जल स्तर को सुधारने स्वयं से अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया है। साथ ही नालों में पानी सहेजने श्रमदान से बोरी बंधान करके पानी रोकने में कामयाब हुए है। ग्राम स्तर के बैठक में जनपद पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग के अधिकारियों ने फसल चक्र परिवर्तन के बारे मे ग्रामीणों को अवगत कराया, साथ ही अन्य फसल के फायदे एवं मार्केटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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