राजनांदगांव। नगर निगम द्वारा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या को देखते हुए बधियाकरण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। जुलाई से अब तक निगम के स्व-स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगभग 800 आवारा कुत्तों का बधियाकरण कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि निगम क्षेत्र के कई वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई थी। इससे लोगों को कुत्ता काटने जैसी अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ रहा था और कुत्तों के झुंड से भय का माहौल बन रहा था। आम नागरिकों की शिकायतों के आधार पर महापौर मधुसूदन यादव के निर्देश पर नगर निगम ने आवारा कुत्तों का बधियाकरण अभियान शुरू किया।
आयुक्त विश्वकर्मा ने बताया कि हरियाणा की नैन फाउंडेशन सर्विसेस को आवारा कुत्तों का बधियाकरण करने का विधिवत कार्यादेश दिया गया। पिछले 5 माह में निगम सीमाक्षेत्र के वार्डों में कुत्तों की अधिक संख्या वाले क्षेत्रों और शिकायत प्राप्त क्षेत्रों से लगभग 800 कुत्तों का बधियाकरण किया गया। अब वर्तमान में 1000 और कुत्तों का बधियाकरण कराने के लिए पुनः संस्था को कार्यादेश जारी किया गया है।
बधियाकरण कार्य स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन और स्वच्छता निरीक्षकों की देखरेख में किया जा रहा है। आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में अत्यधिक आवारा कुत्ते हों तो वे नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जानकारी दें, ताकि आवारा कुत्तों का समय पर बधियाकरण किया जा सके।
यह अभियान नगर निगम की ओर से नागरिकों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

ताज़ा ख़बर :
- सुशासन तिहार-2026 : नागरिकों से सीधा संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान का मंच
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से संजना बनी लखपति दीदी, जनरल स्टोर से हर माह 50-60 हजार की आय
- घुमका में रेत का अवैध परिवहन करते 2 हाईवा जप्त, माफियाओं में हड़कंप
- राजनांदगांव में जनगणना 2027 का प्रथम चरण शुरू, धनगांव में मकान गणना पूरी
- थाना सोमनी की मानवीय पहल, मानसिक रूप से कमजोर महिला का इलाज सेंदरी अस्पताल में
- आईपीएल सट्टा रैकेट का खुलासा, बसंतपुर पुलिस ने 2 करोड़ के लेन-देन का पर्दाफाश किया
- मवेशी चुराने वाले 5 शातिर गिरफ्तार, 24 घंटे में पशु चोरी का खुलासा
- छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्तरीय विश्व पशु चिकित्सा दिवस का भव्य आयोजन, अम्बिकापुर बना साक्षी : पशु चिकित्सकों को मिला सम्मान, “भोजन एवं स्वास्थ्य के संरक्षक” बताए गए
