राजनांदगांव। छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शाहिद भाई ने भाजपा द्वारा जीएसटी रिफॉर्म को बचत उत्सव बताने पर तंज करते हुए कहा कि 8 साल तक केवल किसान, गरीब, मध्यम वर्ग परिवारों से 55 लाख करोड़ रूपये वसुले, यहां तक सावन माह में दूध-दही पर जीएसटी लगाकर धर्म कर्म पर भी करोड़ों रूपये वसूले गए। गब्बर सिंह टैक्स के कारण सर्वहारा वर्ग को आघात पहुंचाने का काम मोदी सरकार ने किया है। हमारे नेता राहुल गांधी एवं कांग्रेस ने जीएसटी के अनियमित स्लैब को प्रारंभ से लगातार आवाज उठाकर सरकार को जगाने का काम किया, किंतु लुट की मंशा से सरकार जनहित को अनदेखा कर वसूली में लगी रही, अब कांग्रेस की लोकतंत्र की हत्या वोट चोरी के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने एवं अपनी गलती को छिपाने के लिए जीएसटी में बदलाव की नौटंकी कर उत्सव बता रही है।
शाहिद भाई ने कहा कि गब्बर सिंह टैक्स के कारण बीते 8 साल में किसानों से कृषि यंत्रों, कीटनाशक, ट्रेक्टर एवं अन्य स्रोतों से लगभग 4000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली हुई। गरीब मध्यम वर्गी परिवार से हर माह लगभग 9 हजार करोड़ रुपया वसूला गया, जिससे उनकी बचत खत्म हुई। उद्योग व्यापार भी बंद के कगार पर हो गए, उसके लिए भाजपा की सरकार ही जिम्मेदार है।
भाजपा सरकार आज भी जीएसटी में दो स्लैब होने का दावा कर जनता को गुमराह कर धोखा दे रही है, जबकि सच्चाई यह है आज भी जीएसटी में 6 प्रकार के स्लैब है। कापी, किताब, पेंसिल, स्टेशनरी एवं कपड़े के कच्चे माल में जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो घोर अन्याय कारक हैं। नए प्रावधान में 17 वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 से बढ़ाकर 40 फीसदी, 19 वस्तुओं का 12 से 18 प्रतिशत किया गया है। आज भी 35 से अधिक कृषि उत्पाद जीएसटी के दायरे में हैं। इस प्रकार जीएसटी को 2 स्लैब होने का दावा झूठा है। भाजपा के नेता कपड़े या स्टेशनरी व्यवसाई के यहां जाकर पूछे जीएसटी के बारे में तब उत्सव बताने वाले भाजपाइयों को धरातल पता चलेगा। भाजपा की सरकार छल कपट कर आम जन को गुमराह करने का काम कर रही है।

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