राजनांदगांव। नगर निगम के राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में आयुक्त जी.आर. मरकाम ने वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और टैक्स वसूली में तेजी लाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी वार्ड प्रभारियों को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं, पिछले एक सप्ताह में नए डिमांड के तहत बेहतर काम करने और वसूली बढ़ाने पर आयुक्त ने वार्ड प्रभारियों की जमकर पीठ थपथपाई।
बड़े बकायेदारों को समझाइश, नहीं मानने पर होगी सख्ती
बैठक में वार्डवार वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त मरकाम ने कहा कि पिछली बैठक में बनाए गए प्लान पर अधिकांश प्रभारियों ने अच्छा अमल किया है, जिसके कारण वसूली की रफ्तार बढ़ी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अब बड़े बकायेदारों के घर-घर जाकर उन्हें टैक्स जमा करने की समझाइश दी जाए। उन्हें बताएं कि आपके द्वारा दिए गए टैक्स से ही निगम कर्मचारियों के वेतन और शहर की अन्य विकास गतिविधियां संचालित होती हैं। इसके बावजूद यदि कोई भुगतान नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
दुकान किराए और प्रीमियम वसूली पर विशेष फोकस
आयुक्त ने राजस्व उपनिरीक्षकों से निगम की दुकानों के संबंध में अलग-अलग जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दुकानों के बड़े बकायेदारों की भी एक सूची तैयार की जाए और उनसे नियमित संपर्क कर हर महीने किराया वसूला जाए। जिन दुकानों की प्रीमियम राशि बकाया है, उन्हें नोटिस जारी कर अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही जिन दुकानों की नीलामी होना अभी शेष है, उनकी नीलामी प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
बेहतर काम करने वाले होंगे पुरस्कृत, लापरवाही पर मिलेगी सजा
राजस्व अधिकारी मोबिन अली ने बैठक में कहा कि नई दरों के अनुसार सही डिमांड शीट तैयार की जाए। अब हर दिन शाम को वसूली की समीक्षा की जाएगी और सभी प्रभारियों को गूगल शीट में एंट्री करना अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्धारित दर के अनुसार हर महीने 200 रुपये की दर से जलकर (वॉटर टैक्स) वसूलने के निर्देश भी दिए।
राजस्व अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आयुक्त की मंशानुरूप लक्ष्य से अधिक और अच्छी वसूली करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि वसूली में लापरवाही बरतने और कम परफॉर्मेंस देने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक राजस्व अधिकारी हितेश ठाकुर सहित सहायक राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व उपनिरीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित थे।

