राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गठुला में टसर परिवर्तन केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया और रेशम उत्पादन से जुड़े कार्यों की जानकारी हासिल की।
कलेक्टर ने रेयरिंग और प्लांटेशन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जुड़े ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए बेहतर योजना बनाकर कार्य किया जाए और उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से रेशम उत्पादन की प्रक्रिया, कार्य और संभावित आय पर चर्चा की। साथ ही संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
गठुला में ग्रामोद्योग संचालनालय (रेशम प्रभाग) के माध्यम से लगभग 10 हेक्टेयर क्षेत्र में टसर परिवर्तन केन्द्र संचालित है। केंद्र में 2 भवन हैं और बड़े क्षेत्र में अर्जुन पौधों का रोपण किया गया है, जो रेशम उत्पादन का मुख्य आधार हैं।
केंद्र में महिलाओं के स्व-सहायता समूह पौधों की देखभाल, कीट पालन, निराई-गुड़ाई, खाद डालना और प्रक्षेत्र की सफाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय हैं। जून-जुलाई से जनवरी तक कीट पालन का कार्य किया जाता है। विभाग द्वारा स्व-सहायता समूहों को 2 रुपए प्रति स्वस्थ डिम्ब समूह के हिसाब से रेशम कीट प्रदान किए जाते हैं।
महिलाएं वर्ष में 2 से 3 फसलें लेकर कोसा उत्पादन करती हैं, जिसे ग्रेडिंग के बाद ककून बैंक के माध्यम से खरीदा जाता है। वर्ष 2025-26 में स्व-सहायता समूहों की कुल आय 5,95,320 रुपए रही। केंद्र में दुर्ग संभाग का एकमात्र ककून बैंक भी संचालित है और कृषि महाविद्यालयों के छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण कराया जाता है।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू, सहायक संचालक रेशम चारूल वर्मा और अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

