राजनांदगांव। भाजपा के वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने एनडीए द्वारा संसद में लाए गए नारी शक्ति अधिनियम बिल का विपक्षी पार्टी कांग्रेस व उनके साथियों द्वारा लोकसभा में पारित नहीं होने देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस की शुरू से ही महिला विरोधी मानसिकता रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर मनमोहन सिंह तक महिलाओं के 30 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में बिल पास नहीं होने दिया। महिलाओं को संसद में आने से रोकने के लिए तरह- तरह के उपक्रम किए। उन्हें परकटी तक कहा गया। जो महिला विरोधी मानसिकता का परिचायक है।आज जब देश की आधी आबादी महिला शक्ति हर क्षेत्रों में झंडे गाड़ रही है तब कांग्रेस सहित उनके विपक्षी साथियों को महिला की राह में रोड़ा अटकाने का काम कर रहे हैं।
श्री पारख ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने हर संभव प्रयास किया जा रहा है। आजादी के 70 साल बाद उन्हें उनका हक नहीं दिया गया, आज जब उनका हक देने की बात आ रही है तो कांग्रेस और विपक्षी दल परिसीमन और दक्षिण में सीटें कम होने का भ्रम फैलाने के नाम पर नारी शक्ति अधिनियम बिल का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का खुलकर इजहार किया।
खूबचंद पारख ने कहा कि देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के इस महिला विरोधी मानसिकता का मूल्य उन्हें चुकाना पड़ेगा। देश की महिलाएं आने वाले चुनाव में कांग्रेस को मजा अवश्य चुकाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश व प्रांतों की भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं के हित में कदम उठाना उनके हाथ को मजबूत करना विपक्षियों को फूटे आंख नहीं भा रहा है।
खूबचंद पारख ने आक्रोशित स्वर में कहा कि पुरुषवादी मानसिकता वाले कांग्रेसी आज भी महिलाओं को पैर की जूती बनाकर रखना चाहते हैं लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी को कतई यह मंजूर नहीं। वे आज नहीं तो कल महिलाएं को उनका हक दिलाकर रहेंगे। धारा 370, राम मंदिर निर्माण आदि की तरह महिलाओं का 30 प्रतिशत वाला नारी शक्ति अधिनियम बिल पास करवाना कर छोड़ेंगे। पारख ने कहा कि कांग्रेसी और विपक्षियों के महिला विरोधी मानसिकता का रुख महिला सशक्तिकरण की ओर ज़रूर मोड़ेंगे। और देश में कहीं भी होने वाले चुनाव में महिलाएं कांग्रेस और महिला विरोधी मानसिकता वाले दलों को वोट न देकर मोदी जी की भाजपा के पछ में मतदान कर ऐसे लोगों को करारा जवाब देगी।

