राजनांदगांव। पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 का समापन शानदार तरीके से हुआ। 1 अप्रैल को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित हॉकी फाइनल और समापन समारोह में राज्य के युवा खिलाड़ियों ने इतिहास रचा।
संचालक तनुजा सलाम ने समारोह में कहा, एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था। आज खेल इस धरती के युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, और अब यहां के युवा खेल के जरिए देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ हॉकी अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने आयोजन की सफलता में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और स्थानीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह खेल आदिवासी युवाओं को अपना भविष्य संवारने का एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि देशभर के 2,500 से ज्यादा एथलीट इस खेल में भाग ले रहे थे।
समापन समारोह में बालक वर्ग में ओडिशा ने पहला स्थान, झारखंड ने दूसरा और मेजबान छत्तीसगढ़ ने तीसरा स्थान हासिल किया। बालिका वर्ग में भी ओडिशा ने शीर्ष स्थान, झारखंड ने दूसरा और मिजोरम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मेडल और शुभंकर मोरवीर से सम्मानित किया गया।
फिरोज अंसारी ने कहा, खेल इस क्षेत्र के लिए नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आया है। युवा अब अपनी क्षमता के साथ देश की सेवा कर सकते हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 ने छत्तीसगढ़ को सिर्फ खेलों का केंद्र ही नहीं बनाया, बल्कि आदिवासी युवाओं के लिए नई पहचान और अवसर भी स्थापित किए हैं।

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