राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, खुज्जी विधायक भोलाराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल एवं वनमंडलाधिकारी आयुष जैन उपस्थित थे। बैठक में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना, डीएमएफ नियमों में हुए संशोधन तथा प्रभावित क्षेत्रों के निर्धारण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार अब खनन वाले जिले को ही डीएमएफ निधि प्राप्त होगी। साथ ही खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित तथा 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी आधार पर राजनांदगांव जिले के प्रभावित ग्रामों की सूची तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया गया कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास आदि पर व्यय किया जाएगा और शेष राशि अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्यों पर खर्च की जा सकेगी। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग पारदर्शिता के साथ करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के हित में अधिक से अधिक विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व लंबित प्रस्तावों और स्वीकृत कार्यों के अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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