राजनांदगांव। जिला प्रशासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अवैध धान के परिवहन एवं धान उपार्जन केन्द्रों में खपाने का प्रयास करने पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद अब जप्त किए गए धान और वाहनों को मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। व्यवहार न्यायालय में जिन प्रकरणों के मामले लंबित नहीं है, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार उन्हें मंडी शुल्क की वसूली के उपरांत छोड़ा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए धान खरीदी की अवधि के दौरान कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध अभियान चलाया था। इस दौरान 200 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए थे, जिनमें भारी मात्रा में धान के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को भी जप्त किया गया था। कलेक्टर द्वारा जारी नवीन आदेश के परिपालन में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत इन प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। ऐसे प्रकरण जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें छोड़कर शेष सभी मामलों में नियमानुसार मंडी टैक्स की गणना की जाएगी। संबंधित पक्षों द्वारा निर्धारित मंडी शुल्क और पेनल्टी की राशि जमा करने के उपरांत, जप्त धान और वाहनों को जप्ती से मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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