राजनांदगांव। भाजपा जिला कार्यालय राजनांदगांव में आयोजित प्रेस वार्ता की शुरुआत जिला मीडिया सह प्रभारी रवि सिन्हा द्वारा विषय प्रस्तुति एवं अतिथियों के परिचय एवं स्वागत उद्बोधन के साथ की गई। इसके पश्चात प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है। यह अधिनियम देश के गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
श्री यादव ने कहा कि यह अधिनियम किसानों मजदूरों और गरीब वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री मोदी ने संसद में अपने पहले भाषण में ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के कल्याण को समर्पित रहेगी, उसी भावना के अनुरूप देशभर में घर-घर बिजली, शौचालय, आवास और जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गईं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा का उन्नति सशक्त और अधिक प्रभावी स्वरूप है। जहां मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित था, वहीं इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी, जिससे मजदूरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
श्री यादव ने बताया कि मजदूरी का भुगतान अब सात दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि समय-सीमा में भुगतान नहीं होता है तो विलंबित अवधि के लिए मजदूर को अतिरिक्त राशि (ब्याज के रूप में) दी जाएगी। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।
खेती-किसानी को प्राथमिकता देते हुए अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि बुवाई एवं कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, जिससे किसानों को पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहेंगे और कृषि कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इससे ग्रामीण पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडे ने कहा कि मनरेगा में पूर्व में फर्जी मास्टर रोल मशीनों के उपयोग और धांधली जैसी शिकायतें सामने आती थीं, जिन्हें यह नया अधिनियम स्वतः समाप्त करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधे लाभ मिलेगा। यह अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जिसमें जल संरक्षण ग्रामीण अधोसंरचना आपदा सुरक्षा एवं आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण नदी-नालों का सुधारने कटाव रोकना तथा सिंचाई संरचनाओं का विकास प्राथमिकता से कराया जाएगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार और सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे तथा पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा। यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।
प्रेस वार्ता में विशेष रूप से खुबचंद पारख, मधुसुदन यादव, भरत वर्मा, रमेश पटेल, दिनेश गांधी, राजेन्द्र गोलछा, तरुण लहरवानी, डिकेश साहू, भावेश बैद, जागृति यदु, रोहित चंद्राकर, देवकुमारी साहू, रघु शर्मा, राम कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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