मोहला। मोहला वनमण्डल में ग्रामीण क्षेत्रों में वनों के संरक्षण और हरित विकास को गति देने में संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये समितियाँ वन संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्य प्राणियों की सुरक्षा और बिगड़े वनों के सुधार जैसे कार्यों में स्थानीय समुदायों को जोड़कर सतत विकास सुनिश्चित कर रही हैं।
मोहला वनमण्डल में वर्तमान में कुल 147 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ सक्रिय हैं। इनमें अंबागढ़ चौकी परिक्षेत्र में 83, दक्षिण मानपुर में 27 और उत्तर मानपुर परिक्षेत्र में 37 समितियाँ शामिल हैं। ये समितियाँ ग्रामीणों के सहयोग से वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।
नव वर्ष के अवसर पर 3 जनवरी 2026 को इन समितियों ने वनों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा, वन अधिकार पत्रों के नामांतरण एवं बंटवारे, तेंदूपत्ता, कोदो, कुटकी और रागी जैसे लघु वनोपज के सतत एवं वैज्ञानिक संग्रहण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया।
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के प्रयासों से क्षेत्र में वनों का संरक्षण और विकास हो रहा है। इससे स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार, वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। लघु वनोपज के संग्रहण से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।
मोहला वनमण्डल की ये समितियाँ वनों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। इनके निरंतर प्रयासों से भविष्य में हरित विकास को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

