राजनांदगांव। आदिवासी एवं वन पर निर्भर समुदायों के सशक्तिकरण के लिए जन कल्याण सामाजिक संस्थान ने 24 दिसंबर को मानपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोराचा, हलोरा और कदाड़ी में पेसा दिवस का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष-महिलाएं, ग्राम सभा सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेसा अधिनियम (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार अधिनियम, 1996) के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना और ग्राम सभा को सशक्त बनाना था। आयोजन में ग्राम सभा के अधिकार, दायित्व, निर्णय प्रक्रिया के साथ-साथ जल-जंगल-जमीन और पारंपरिक संसाधनों पर समुदाय के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संस्थान के प्रतिनिधि किशन सिंह साहू ने बताया कि पेसा कानून आदिवासी और वन पर निर्भर समुदायों को स्वशासन का अधिकार देता है। यह कानून ग्राम विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय ग्राम सभा के माध्यम से लेने का प्रावधान करता है। उन्होंने ग्रामवासियों को नियमित ग्राम सभा आयोजित करने, सामूहिक भागीदारी बढ़ाने और अपने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामवासियों ने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा को मजबूत करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। यह पहल आदिवासी और वन पर निर्भर समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी गई।
इस अवसर पर वीरेंद्र शाह मंडावी सरपंच कोराचा, पिलेश्वरी भुआर्य सरपंच कदाड़ी, यशवंत कोमरे पंचायत सचिव हलोरा के अलावा गटेगहन, सम्बलपुर और खेड़ेगांव के प्रतिनिधि, मितनिना दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।

ताज़ा ख़बर :
- जिले की 498 सरकारी राशन दुकानों में उत्साहपूर्वक मनाया गया चावल उत्सव
- सीईओ जिला पंचायत ने विकास कार्यों की समीक्षा, समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
- कलेक्टर ने टीबी मुक्त पंचायतों के सरपंचों को किया सम्मानित
- कलेक्टर ने साप्ताहिक बैठक में दिए अहम निर्देश, अवैध रेत खनन व खाद्य सुरक्षा पर जोर
- बरेली में चमकी राजनांदगांव की कनक जोगी, राष्ट्रीय महिला हैंडबॉल में जीता कांस्य पदक
- विश्व स्वास्थ्य दिवस पर गांवों में जागरूकता कार्यक्रम, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
- मोतीपुर में शुरू हुई प्याऊ घर सेवा, राहगीरों को मिलेगा शीतल जल
- कठिन साधना में बैठे गुरू निर्वाण अनंतानंद उदासीन
