राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में श्री राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस निकाले जाने के मामले में अब राजपूत समाज पूरी तरह विरोध में उतर आया है। रायपुर पुलिस की बर्बरता के विरोध में श्री राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने रायपुर पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस की कार्यशैली को मानवाधिकार के विपरीत बताते हुए उन्होंने राजधानी रायपुर में 7 दिसंबर को क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत का आयोजन करने की घोषणा की है। इस आयोजन में देशभर के करणी सेना संगठन से जुड़े कार्यकर्ता तथा राजपूत समाज के लाखों लोग राजधानी पहुंचकर रायपुर पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ विशाल प्रदर्शन करेंगे।
बुधवार दोपहर राष्ट्रीय करणी सेना के प्रमुख राज शेखावत राजनांदगांव पहुंचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ श्री राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह से सौजन्य भेंट की तथा संगठन से जुड़े लोगों के साथ समाज की गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज से आमंत्रण यात्रा का शुभारंभ हो गया है। 7 दिसंबर को दोपहर 1 बजे रायपुर में पीड़ित परिवार की अध्यक्षता में क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रायपुर पुलिस ने जो एफआईआर उनके ऊपर दर्ज की है, उसकी गिरफ्तारी देने के लिए वे छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पुलिस समाज के लोगों को प्रताड़ित कर रही है। ऐसी स्थिति में 7 दिसंबर को देशभर से राजपूत समाज के लोग जुटेंगे और पुलिस के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। हमारी मांग है कि रायपुर पुलिस समाज की बहू-बेटियों की अस्मिता पर हाथ डालेगी तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के मामले में पुलिस ने पहले उनके प्रति बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया और फिर उनके परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता की। चूंकि, हमारी बहन-बेटियों की अस्मिता पर हाथ डाला गया है, इसलिए इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि रायपुर पुलिस ने करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर को नंगे पांव जुलूस निकालकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया, जिसका पूरा राजपूत समाज विरोध करता है। इसके साथ ही पुलिस ने परिवार की महिलाओं के साथ भी अभद्रता की, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षत्रिय समाज के साथ इस प्रकार की घटना को करणी सेना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने मांग की कि इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए। छत्तीसगढ़ सरकार से उन्होंने अपील की है कि पीड़ित परिवार की बात सुनी जाए तथा भविष्य में छत्तीसगढ़ में राजपूत समाज के किसी भी व्यक्ति के साथ पुलिस न्यायसंगत व्यवहार करे।
छत्तीसगढ़ श्री राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा कि राजधानी पुलिस प्रदेश में इस तरह के उदाहरण पेश न करे। वीरेंद्र सिंह तोमर के मामले में पुलिस ने न तो विधि-सम्मत कार्रवाई की और न ही परिवार की महिलाओं के साथ उचित व्यवहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि तोमर ने कोई अपराध किया है तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर न्यायपालिका के समक्ष पेश करें। न्यायपालिका का जो भी फैसला होगा, वह सर्वमान्य होगा। लेकिन परिवार की महिलाओं को प्रताड़ित करना पुलिस का अमानवीय चेहरा दर्शाता है।
इस दौरान छत्तीसगढ़ राजपूत महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह परिहार, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग सुषमा सिंह, विजय बहादुर सिंह, कनक लता सिंह, नीम राजावत, रेखा सिंह, संजू सिंह, सुधा पवार, गोल्डी भदोरिया, संजय सिंह राजपूत, अजय कुशवाहा, कपिल सिंह चौहान, अमन बहादुर सिंह, प्रिंस सिंह, लाल मुनई सिंह, चंदन सिंह, दीपेश सिंह, अनिल सिंह, भवानी बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।

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