Close Menu
    What's Hot

    आयुक्त ने राजस्व वसूली की समीक्षा, बड़े बकायादारों के नल विच्छेदन और नाम प्रकाशन के दिये सख्त निर्देश

    March 18, 2026

    महापौर ने ठेठवार पारा में नाली निर्माण का किया स्थल निरीक्षण

    March 18, 2026

    स्टेशन रोड सौंदर्यीकरण के लिए निगम ने अतिक्रमण हटाया

    March 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    ताज़ा ख़बर :
    • आयुक्त ने राजस्व वसूली की समीक्षा, बड़े बकायादारों के नल विच्छेदन और नाम प्रकाशन के दिये सख्त निर्देश
    • महापौर ने ठेठवार पारा में नाली निर्माण का किया स्थल निरीक्षण
    • स्टेशन रोड सौंदर्यीकरण के लिए निगम ने अतिक्रमण हटाया
    • नगर निगम ने बड़े बकायादारों की सूची प्रकाशित, आयुक्त ने समय पर भुगतान की अपील
    • लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया
    • कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली, प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेष कक्षाओं पर दिए निर्देश
    • खनिजों के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, कई वाहनों को थाना सुपुर्द किया गया
    • जिला चिकित्सालय में प्रसूता महिलाओं के लिए नवीन ऑपरेशन थियेटर हुआ क्रियाशील
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    छत्तीसगढ़ मेल
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीति
    • खेल
    • बिजनेस
    • शिक्षा
    • रोजगार
    • सिनेमा
    छत्तीसगढ़ मेल
    Home » खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था, खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि
    छत्तीसगढ़

    खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था, खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि

    chhattisgarhmailBy chhattisgarhmailOctober 24, 2025No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Email

    रायपुर। छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

    यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

    खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

    छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

    लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

    छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

    चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

    देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

    राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

    छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

    खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

    Share. Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Telegram Email

    Related Posts

    आयुक्त ने राजस्व वसूली की समीक्षा, बड़े बकायादारों के नल विच्छेदन और नाम प्रकाशन के दिये सख्त निर्देश

    March 18, 2026

    महापौर ने ठेठवार पारा में नाली निर्माण का किया स्थल निरीक्षण

    March 18, 2026

    स्टेशन रोड सौंदर्यीकरण के लिए निगम ने अतिक्रमण हटाया

    March 18, 2026

    नगर निगम ने बड़े बकायादारों की सूची प्रकाशित, आयुक्त ने समय पर भुगतान की अपील

    March 18, 2026

    लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया

    March 18, 2026

    कलेक्टर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली, प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेष कक्षाओं पर दिए निर्देश

    March 18, 2026
    Top Posts

    आदिनाथ भगवान का जन्म कल्याणक : 135 साल पुरानी प्रतिमा की निकली शोभायात्रा, अभिषेक-पूजन के बाद प्रसादी बांटी

    March 12, 202632 Views

    आबकारी विभाग में ‘खाने के दांत कुछ और, दिखने के दांत कुछ और’ की स्थिति, शमसुल आलम का आरोप

    March 12, 202626 Views

    विशु अजमानी के नेतृत्व में युवाओं ने किया भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव का भव्य स्वागत

    March 13, 202623 Views

    कमला कॉलेज में हुआ हुनर हाट और आनंद मेला, छात्राओं ने दिखाई उद्यमिता की झलक

    March 18, 20268 Views

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें : संभागायुक्त

    March 13, 20266 Views

    हिंदू नव वर्ष पर राजनांदगांव में भव्य मोटरसाइकिल रैली

    March 17, 20264 Views
    Stay In Touch
    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    • Twitter
    • Instagram
    • Telegram
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    • Home
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • विदेश
    • राजनीति
    • शिक्षा
    • खेल
    • रोजगार
    • बिजनेस
    • सिनेमा
    copyright © 2025 छत्तीसगढ़ मेल

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.