राजनांदगांव। प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह एवं मिशन संचालक मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अश्वनी देवांगन ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान में स्वर्ण उपज एफपीओ की चना प्रसंस्करण इकाई एवं अंजोरा में हर्बल गुलाल एवं पूजन सामग्री उत्पादन एवं पैकेजिंग इकाई का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह एवं राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन श्रीमती अभिलाषा आनंद भी उपस्थित रही। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत लाइवलीहुड मॉडल के संबंध में जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम मुसराखुर्द डोंगरगढ़ में पदयात्री प्रतीक्षालय का निरीक्षण किया। उन्होंने लखपति दीदी से चर्चा की तथा महिलाओं को ई-रिक्शा का वितरण किया। प्रमुख सचिव ने ग्राम सुकुलदैहान में 15 हजार 875 महिला किसानों द्वारा स्वर्ण उपज महिला उत्पादक कंपनी प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन किया। 15 हजार 875 महिला किसानों ने सोयाबीन, चना एवं अन्य फसलों की खरीदी कर चना प्रसंस्करण इकाई में कार्य कर रही है।
प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम अंजोरा में मल्टीयूटिलीटी सेंटर में महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे हर्बल गुलाल, गोपीगुरू चंदन, सिंदूर, रोली, कुमकुम निर्माण एवं पैकेजिंग के कार्य का जायजा लिया। उन्होने यहां किए जा रहे आजीविका मूलक कार्यों की सराहना की। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि श्री गणेशा हर्बल गुलाल प्राईवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध के आधार पर 16 समूह एवं 75 महिलाएं कार्य कर रही है। उन्होंने समूह की महिलाओं से बातचीत की। समूह की महिलाओं ने बताया कि इस पैकेजिंग सेंटर उन्हें बहुत लाभ हो रहा है। अब तक 181 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन किया गया है एवं लगभग इससे 1 करोड़ 5 लाख 70 हजार रूपए की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उनके जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि यह हर्बल गुलाल यूनिट समूह की महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है और उन्हें स्वामित्व भी प्राप्त है तथा वे यहां कार्य भी कर रही हैं। इस पैकेजिंग यूनिट के लगने से उन्हें फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे पैमाने पर दोना-पत्तल यूनिट संचालित है। 15 महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों द्वारा बफर प्लेट का निर्माण किया जा रहा है। प्रमुख सचिव स्वसहायता समूह द्वारा बनाए गए सामग्री ए2 घी, स्वरधारा मसाला, चना दाल, अगरबत्ती, डिटर्जेंट, मशरूम आदि उत्पादन करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया।

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